
बलिया। प्रदेश की राज्यपाल एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत अनिवार्य होगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी—“यदि उपस्थिति 75% नहीं होगी तो परीक्षा कैंसिल कर दूंगी।”

राज्यपाल ने कहा कि वह स्वयं 10 किलोमीटर पैदल स्कूल जाती थीं और जूते तक नहीं होते थे, जबकि सरदार पटेल 40 किलोमीटर पैदल पढ़ने जाते थे। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, मेहनत ही एकमात्र रास्ता है।”
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🎓 दीक्षांत समारोह में 19,560 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में इस वर्ष 15,878 स्नातक और 3,682 परास्नातक विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं।
इस बार छात्राओं का दबदबा देखने को मिला — 62% छात्राएं और 38% छात्र सफल रहे।
कुल 19 विद्यार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की गई।
समारोह में कुल 43 विद्यार्थियों को 44 स्वर्ण पदक दिए गए। इनमें विश्वविद्यालय की सर्वाधिक अंक प्राप्त छात्रा शामिया खातून को कुलाधिपति पदक (चांसलर मेडल) मिला।
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📚 राज्यपाल के संबोधन की प्रमुख बातें
छात्रों की उपस्थिति 75% से कम हुई तो परीक्षा रद्द।
विश्वविद्यालयों में नवाचार और अनुसंधान संस्कृति विकसित करने पर जोर।
डिजी लॉकर और समर्थ पोर्टल पर अपनी जानकारी सही करने की अपील।
परिसर में सफाई और भवन हैंडओवर में लापरवाही पर नाराजगी।
कहा – “भोजपुरी भवन और अकादमी भवन में सीलन है, जिम्मेदार जवाब दें।”
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🚫 नशा और लीव इन रिलेशनशिप पर चेतावनी
राज्यपाल ने युवाओं को नशे और लीव इन रिलेशनशिप जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहने की सलाह दी। कहा कि—
> “हॉस्टलों के बीच शराब की बोतलें और ड्रग्स मिलना बेहद गंभीर है।
युवाओं को समझना होगा कि नशा विनाश का रास्ता है।”
लड़कियों को सावधान करते हुए कहा—
> “किसी के झांसे में न आएं, पढ़ाई में मन लगाएं और अपनी जिंदगी बर्बाद न करें।”
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🧑🎓 मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. रजनीकांत का संबोधन
डॉ. रजनीकांत ने कहा कि बलिया की मिट्टी त्याग, तपस्या और क्रांति की प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं बल्कि नैतिकता और चरित्र निर्माण है।
बलिया की पहचान सत्तू, बाटी-चोखा और जलेबी को जीआई टैग दिलाने का आश्वासन दिया।
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🌱 पर्यावरण और कौशल विकास पर जोर
राज्यपाल ने युवाओं को अधिकाधिक पौधे लगाने और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेने को कहा।
साथ ही बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है—“स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट भेजेंगे तो सैंक्शन जरूर होगा।”
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🩺 किशोरियों का टीकाकरण और समाजिक संदेश
कार्यक्रम के दौरान पुलिस परिवारों की 9–14 आयु वर्ग की 20 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगाया गया।
राज्यपाल ने कहा —
> “बालिकाओं को उपहार में खिलौने नहीं, टीकाकरण कराएं, यही सबसे बड़ा उपहार है।”
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🐄 गोशाला एवं उत्पादन विक्रेता केंद्र का उद्घाटन
राज्यपाल ने मिरीगिरी (बांसडीह) स्थित “वासुदेव गोशाला एवं बायो एनर्जी फार्मर कंपनी” का उद्घाटन किया।
उन्होंने किसानों को ऑर्गेनिक खेती अपनाने की अपील की और कहा कि
> “जिले के जैविक किसानों की जियो टैगिंग कराई जाए, ताकि योजनाओं का लाभ उन्हें आसानी से मिल सके।”
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🏅 स्मारिका व पुस्तकों का लोकार्पण
समारोह में विश्वविद्यालय की स्मारिका ‘सृजन’, समाचार पत्र ‘अन्वीक्षण’, एवं प्राध्यापकों की लिखी पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. सरिता पांडेय ने किया।
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📸 कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि:
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी,
कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता,
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह,
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह,
सीडीओ ओजस्वी राज आदि।
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🗞️ संवाददाता – वंदे भारत लाइव टीवी
शीर्षक: “राज्यपाल आनंदीबेन बोलीं – 75% हाजिरी नहीं तो परीक्षा रद्द, नशे और लीव इन रिलेशनशिप से दूर रहें छात्र”











